भोजपुर। चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जन सुराज के सूत्रधार Prashant Kishor ने बुधवार को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि पूरे मामले को केवल एक पुलिस कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन परिस्थितियों की भी जांच होनी चाहिए जिन्होंने इस घटना को जन्म दिया।
परिजनों से बातचीत के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी एनकाउंटर मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि घटना को लेकर समाज में सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार और संबंधित एजेंसियों का दायित्व है कि वे निष्पक्ष जांच के माध्यम से सभी तथ्यों को सार्वजनिक करें।
परिवार ने उठाए कई सवाल
बिलौटी गांव में हुई मुलाकात के दौरान भरत तिवारी के परिजनों ने घटना को लेकर अपनी चिंताएं और शंकाएं सामने रखीं। परिवार का कहना है कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें। प्रशांत किशोर ने कहा कि परिवार की ओर से उठाए गए सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जांच प्रक्रिया में सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।
“न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहना चाहिए”
जन सुराज नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई नियमों के अनुरूप हुई है तो जांच से यह तथ्य स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन यदि कहीं कोई चूक हुई है तो उसकी भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि जनता का विश्वास कानून और न्याय व्यवस्था में बना रहे।
प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उठाए प्रश्न
प्रशांत किशोर ने कहा कि कई बार आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर लंबे समय तक सरकारी तंत्र के संपर्क में रहते हैं, लेकिन उन्हें समय पर समाधान नहीं मिल पाता। ऐसी परिस्थितियां लोगों में निराशा और असंतोष पैदा कर सकती हैं। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सरकार से स्वतंत्र जांच की मांग
जन सुराज प्रमुख ने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल हो सके। उन्होंने कहा कि पारदर्शी जांच न केवल सच्चाई सामने लाएगी, बल्कि जनता के मन में उठ रहे सवालों का भी जवाब देगी।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले से चल रही चर्चाओं के बीच प्रशांत किशोर की इस यात्रा और बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दल और सामाजिक संगठन भी मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में प्रमुख बहस का विषय बना रह सकता है।
