पटना:
बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले सियासी पारा अचानक बेहद हाई हो गया है। बांकीपुर सीट से जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र रद्द (Reject) कर दिया गया है। नामांकन रद्द होने के इस फैसले पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने गहरा आक्रोश जताया है। उन्होंने इसे सरकार की एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार देते हुए इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान किया है।
नामांकन के तुरंत बाद हुई थीं गिरफ्तार
बांकीपुर सीट पर पिछले कुछ दिनों से लगातार हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है:
- पुलिस की कार्रवाई: वीणा मानवी ने जैसे ही अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था, उसके तुरंत बाद ही पुलिस ने उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया था।
- जमानत के बाद नया झटका: हालांकि, गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन अब उनका नामांकन ही रद्द होने से पार्टी और उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा है।
तेज प्रताप यादव का तीखा हमला: “यह लोकतंत्र की हत्या है”
इस पूरे घटनाक्रम पर जनशक्ति जनता दल (JJD) के मुखिया तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“हमारी उम्मीदवार वीणा मानवी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत पहले उन्हें गिरफ्तार करवाया और अब उनका नामांकन रद्द करवा दिया। यह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है। हम इस तानाशाही के आगे झुकने वाले नहीं हैं और इस फैसले के खिलाफ जल्द ही कोर्ट जाएंगे।”
क्यों हॉट सीट बनी बांकीपुर?
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही बिहार की सबसे वीआईपी और चर्चित सीटों में से एक रहा है। इस उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल (JJD) ने वीणा मानवी को उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया था। लेकिन अब नामांकन रद्द होने और तेज प्रताप यादव द्वारा कानूनी लड़ाई का एलान करने के बाद, इस सीट की सियासी जंग और कानूनी दांव-पेंच में उलझती नजर आ रही है।
वीणा मानवी के नामांकन रद्द होने के बाद अब बांकीपुर की लड़ाई केवल चुनावी मैदान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह अदालत की दहलीज तक पहुंचने वाली है। तेज प्रताप यादव के इस आक्रामक रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में इस मुद्दे पर घमासान और तेज होगा।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
