Saturday, July 25, 2026

“प्रधान का प्रस्थान युवाओं के संघर्ष का पहला परिणाम, आधी जीत मिली: वीरेंद्र सिंह तोमर

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रायपुर:
क्षत्रिय करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलनरत युवाओं की “आधी लेकिन महत्वपूर्ण जीत” बताया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की वास्तविक जीत तब मानी जाएगी, जब देश की शिक्षा व्यवस्था में जड़ से लेकर शीर्ष तक व्यापक और स्थायी सुधार देखने को मिलेंगे।

तोमर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि समय पर न्याय न मिलने और परीक्षा प्रणाली में खामियों के कारण कई युवाओं को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस दौरान प्रभावित विद्यार्थियों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई सप्ताह तक शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे युवाओं की मांगें पूरी तरह जायज थीं। उनके अनुसार, प्रदर्शन में शामिल युवा जाति, धर्म, भाषा और राज्य से ऊपर उठकर केवल देश के भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने की कोशिशें हुईं, लेकिन युवाओं ने संयम और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद रखी।

वीरेन्द्र सिंह तोमर ने दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आवाज उठाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनी जाती है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करना ही युवाओं के साथ वास्तविक न्याय होगा।

तोमर ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करेगी, जिससे किसी भी विद्यार्थी की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो तथा देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो।

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