Friday, July 10, 2026

‘प्रदेश ठप’ करने की धमकी: राज शेखावत की अगुवाई में छत्तीसगढ़ में उग्र आंदोलन की तैयारी; करणी सेना का साय सरकार को अल्टीमेटम, सवर्णों की हत्या बंद करो

Share

रायपुर/कोरिया। कोरिया जिले के सोनहत (कटगोड़ी) में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार की फॉर्च्यूनर गाड़ी के दरवाजे लॉक कर, पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाए जाने की जघन्य वारदात के बाद क्षत्रिय करणी सेना ने राष्ट्रव्यापी स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में अब राष्ट्रीय नेतृत्व की एंट्री हो चुकी है। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने साफ कर दिया है कि यदि समय रहते पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ. राज शेखावत* की अगुवाई में छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिससे पूरा ‘प्रदेश ठप’ हो जाएगा।

दिल्ली-गुजरात से रायपुर तक हलचल, राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे छत्तीसगढ़ कूच

कोरिया हत्याकांड की क्रूरता को देखते हुए करणी सेना के केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अब सिर्फ स्थानीय स्तर की नहीं रह गई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत स्वयं इस आंदोलन की कमान संभालने छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश और प्रदेश भर से करणी सेना के हजारों समर्पित कार्यकर्ता और समाज के लोग सीधे कोरिया जिले के सोनहत (घटनास्थल) के लिए कूच करेंगे।

करणी सेना का अल्टीमेटम:

“हम सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि हमारी शांति को हमारी कमजोरी न समझा जाए। डॉ. राज शेखावत जी के छत्तीसगढ़ कदम रखते ही न्याय की यह लड़ाई एक बड़े जन-आंदोलन में बदल जाएगी। यदि हत्यारों पर ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जो मिसाल बने, तो समूचे छत्तीसगढ़ को बंद कर दिया जाएगा।”

वीरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष, करणी सेना

प्रदेशव्यापी ‘चक्का जाम’ की रूपरेखा तैयार, आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी

करणी सेना के राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व ने मिलकर राज्य सरकार को घुटनों पर लाने के लिए बड़े स्तर पर ‘चक्का जाम’ और हाईवे ब्लॉक करने की रणनीति बनाई है। तोमर ने चेतावनी दी है कि:

सड़कों पर उतरेंगे हजारों कार्यकर्ता:

राज्य के सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और जिला मुख्यालयों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो में बोलते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर

https://www.facebook.com/vstomarofficial/videos/2251411672361940

https://www.facebook.com/vstomarofficial/videos/2251411672361940

ब्यूरोक्रेसी और शासन पर दबाव

करणी सेना ने साफ कहा है कि इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की अप्रिय स्थिति या आर्थिक नुकसान की सीधी और संपूर्ण जिम्मेदारी केवल और केवल प्रदेश की साय सरकार की होगी।

रेत माफिया और सफेदपोशों के गठजोड़ के खिलाफ आर-पार की जंग

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह पूरा विवाद अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के वर्चस्व को लेकर था। करणी सेना का आरोप है कि इतने बड़े और सुनियोजित तरीके से मर्डर को अंजाम देना बिना किसी बड़े रसूखदार के संरक्षण के संभव नहीं है। स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भरोसा न जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगुवाई में होने वाले इस आंदोलन का मुख्य एजेंडा मामले की CBI जांच, दोषियों का एनकाउंटर और उनके अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करवाना है। करणी सेना के इस कड़े रुख ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

Read more

RNews