मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष संविधान की मूल भावना को बदलना चाहता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं की खरीद-फरोख्त (पोचिंग) में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने से नहीं चलता, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान से मजबूत होता है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज देश में ऐसी राजनीति की जा रही है जिसमें विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों को तोड़ने और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उनका आरोप था कि यह केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बदलने या कमजोर करने का कोई भी प्रयास देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। ठाकरे ने दावा किया कि जनता ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगी और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने भाजपा पर विपक्षी दलों के नेताओं को अपने साथ मिलाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़ना और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करना स्वस्थ लोकतंत्र की परंपरा नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारधारा और जनादेश का सम्मान होना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने अपने समर्थकों से पार्टी को मजबूत बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है और जनता के भरोसे के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
महाराष्ट्र की राजनीति में हाल के दिनों में दल-बदल और राजनीतिक उठापटक के बीच ठाकरे का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में विभिन्न दलों के बीच जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच उनके इस बयान ने एक बार फिर सियासी बहस को तेज कर दिया है।
