श्रीनगर / जम्मू:
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (Landslides) ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला रणनीतिक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) दूसरे दिन भी पूरी तरह बंद है।
हाईवे पर फंसे सैकड़ों वाहन, बहाली का काम जारी
उधमपुर और रामबन के बीच कई स्थानों पर पहाड़ों से गिरे मलबे और चट्टानों के कारण राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है।
- यातायात ठप: हाईवे बंद होने से सैकड़ों यात्री और मालवाहक गाड़ियां अलग-अलग इलाकों में फंसी हुई हैं।
- राहत कार्य में रुकावट: एनएचएआई (NHAI) और स्थानीय प्रशासन मलबा हटाने के काम में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और गिरते पत्थरों (Shooting Stones) की वजह से रास्ते की सफाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुंछ, राजौरी और डोडा में भारी तबाही
अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से सबसे ज्यादा तबाही पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में देखने को मिली है:
- जान-माल का नुकसान: दर्जनों मकान, दुकानें और सड़कें बह गई हैं।
- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं तथा लापता लोगों की तलाश जारी है।
यात्राएं भी प्रभावित, अलर्ट जारी
खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख धार्मिक यात्राएं (जैसे माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा) भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कुछ और इलाकों में बारिश की चेतावनी जारी की है, वहीं प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
