रायपुर। करणी सेना छत्तीसगढ़ ने संगठन विस्तार और युवा शक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऋषभ सिंह राजपूत को प्रदेश उपाध्यक्ष (युवा प्रकोष्ठ) की जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन नेतृत्व का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और सामाजिक जागरूकता के अभियानों को और अधिक गति प्राप्त होगी।
नियुक्ति की घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समाजजनों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। करणी सेना के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऋषभ सिंह राजपूत अपने नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता के बल पर युवा प्रकोष्ठ को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत के मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में संगठन लगातार सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण, राष्ट्रहित और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संगठन का उद्देश्य युवाओं को समाज सेवा और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन से जोड़ना है।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि संगठन ऐसे युवाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ा रहा है जो समाज के प्रति समर्पित हैं और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि करणी सेना समाज के सम्मान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा युवा शक्ति इस मिशन की सबसे बड़ी ताकत है।
नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषभ सिंह राजपूत ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़कर समाज सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रहित के कार्यों में भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
युवा शक्ति को जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस
संगठन के अनुसार आने वाले समय में प्रदेशभर में सदस्यता अभियान, युवा सम्मेलन, सामाजिक संवाद कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करना और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाना होगा।
करणी सेना का कहना है कि संगठन समाज की एकता, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा तथा युवाओं को नेतृत्व के अवसर देकर उन्हें समाज निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
“धर्मो रक्षति रक्षितः”
के मूल मंत्र के साथ संगठन प्रदेशभर में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक मजबूती के लिए अपने अभियान को आगे बढ़ा रहा है।
