देहरादून/गोपीनाथ: देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आज आरोपी को गोपेश्वर कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग करेगी।
देहरादून से रात में हुई गिरफ्तारी
उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रमोद नौटियाल की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। उसकी लोकेशन देहरादून में मिलने के बाद एसआईटी की टीम ने रविवार (12 जुलाई) की रात करीब 9:45 से 10:15 बजे के बीच उसे हिरासत में लिया। करीब एक घंटे की सघन पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
CCTV फुटेज से खुला था चोरी का राज
यह पूरा विवाद 2 जुलाई को मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कैश और अन्य दान सामग्री की गिनती के दौरान शुरू हुआ था। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच में पाया गया कि आरोपी प्रमोद नौटियाल दान गिनती कक्ष से बेहद संदिग्ध तरीके से 500 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे चुराकर छिपा रहा था।
वीडियो में वह चोरी की गई सामग्री को छिपाने के लिए गिनती कक्ष से अपने निजी कार्यालय के चक्कर काटते हुए दिखाई दिया था। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक, हर बार वह 10 से 12 हजार रुपये के लिफाफे और मूल्यवान वस्तुएं अपने पास छिपा रहा था।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा था- ‘गौहत्या जैसा पाप’
सोशल मीडिया पर इस चोरी की शिकायतें आने के बाद मंदिर समिति के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर बद्रीनाथ थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (सेवक द्वारा चोरी) और 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे “गौहत्या जैसा जघन्य पाप” करार दिया था और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वर्तमान में इस मामले की जांच राज्य पुलिस, एसआईटी (SIT) और गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी मिलकर कर रही है। वहीं दूसरी ओर, आरोपी प्रमोद नौटियाल ने अपनी निलंबन की कार्रवाई को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर 16 जुलाई को सुनवाई होनी है
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI
