Friday, July 10, 2026

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘रिमोट कंट्रोल से नहीं चलता कोई संगठन, RSS किसी को कंट्रोल नहीं करता’

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नागपुर, 4 जुलाई: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर देश भर में जारी भारी राजनीतिक और सामाजिक घमासान के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत का एक बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संघ किसी भी संगठन को नियंत्रित नहीं करता और इससे प्रेरित होकर समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले सभी संगठन पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

‘रिमोट कंट्रोल वाली धारणा गलत और भ्रामक’

मोहन भागवत ने समाज में संघ को लेकर बनी आम धारणाओं को खारिज करते हुए कहा कि लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि संघ से जुड़े सभी संगठन सीधे RSS के नियंत्रण में काम करते हैं या उन्हें नागपुर (मुख्यालय) से निर्देश दिए जाते हैं। संघ प्रमुख ने इसकी सच्चाई साफ करते हुए कहा:

चढ़ावा विवाद पर सवाल… और भागवत का ‘राम-राम’

इस वैचारिक स्पष्टीकरण के इतर, जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पत्रकारों ने मोहन भागवत को घेरकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर सीधा सवाल दागा, तो वे इस पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए। पत्रकारों ने पूछा कि ‘कुछ लोग भगवान श्रीराम में आम जनता की आस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, इस पर आपकी क्या राय है?’ इस संवेदनशील सवाल के जवाब में भागवत ने मुस्कुराते हुए केवल “राम-राम” कहा और बिना कोई अन्य टिप्पणी किए वहां से आगे बढ़ गए। संघ प्रमुख के इस संक्षिप्त जवाब को लेकर भी अब राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है।

वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने भी संभाला मोर्चा

इससे पहले RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार भी इस विवाद पर संघ का रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने RSS के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबले के हालिया बयान का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि उनके विचार देश के करोड़ों रामभक्तों और लाखों स्वयंसेवकों की सामूहिक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इंद्रेश कुमार ने देशवासियों से अपील की:

  • राजनीतिकरण न हो: राम मंदिर जैसे पवित्र और संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।
  • जांच पर भरोसा: सरकार, संबंधित जांच एजेंसियां और मंदिर ट्रस्ट इस पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच कर रहे हैं।
  • दोषियों पर एक्शन: जो भी व्यक्ति इस कथित घोटाले या चोरी में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी को जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

जांच और सियासत दोनों तेज

राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद से ही देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। विपक्षी दल जहां इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष और संघ से जुड़े नेताओं का कहना है कि जांच कानून के दायरे में हो रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे माहौल में संघ के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आए इन बयानों ने इस पूरे विवाद को एक नई दिशा दे दी है।

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