Friday, July 10, 2026

यूपी में ‘मिशन 2027’ का शंखनाद: राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे नितिन नवीन, दो दिन तक मथेगी सियासत

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4 जुलाई 2026

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश की धरती पर पहुंचे। राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। नितिन नवीन का यह दो दिवसीय यूपी दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि ‘मिशन 2027’ की चुनावी बिसात बिछाने की दिशा में भाजपा का पहला और सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

अगले दो दिनों तक लखनऊ का भाजपा मुख्यालय मैराथन बैठकों का केंद्र बनने जा रहा है, जहां संगठन से लेकर चुनावी रणनीति तक का बारीकी से मंथन होगा।

नितिन नवीन के दौरे के 3 सबसे बड़े एजेंडे

  • 1. ‘बूथ जीता, तो चुनाव जीता’: भाजपा की पारंपरिक चुनावी ताकत उसका बूथ प्रबंधन रहा है। नितिन नवीन इस दौरे में बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक आक्रामक और सक्रिय बनाने का गुरुमंत्र देंगे। नए सदस्यों को जोड़ने और बूथ समितियों की मजबूती की सीधे समीक्षा होगी।
  • 2. हारी हुई सीटों पर स्पेशल फोकस: सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष उन विधानसभा सीटों की तैयारियों का वन-टू-वन फीडबैक लेंगे, जहां पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। इन सीटों के लिए एक ‘स्पेशल एक्शन प्लान’ तैयार किया जा रहा है।
  • 3. लाभार्थियों से सीधा संपर्क: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के करोड़ों लाभार्थियों (Beneficiaries) तक दोबारा पहुंचने और उन्हें पार्टी से जोड़े रखने के लिए नए जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा तय होगी।

महामंथन की टेबल पर बैठेंगे दिग्गज

अपने इस बेहद व्यस्त प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रदेश के मुख्यमंत्री, दोनों उप-मुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के साथ-साथ जिला स्तर के कोर पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग चरणों में बैठक करेंगे।

विपक्ष की घेराबंदी और सोशल इंजीनियरिंग पर नजर

साल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। आगामी बैठकों में विपक्ष की रणनीति को काउंटर करने के लिए सोशल इंजीनियरिंग (सामाजिक समीकरण), युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के नए तरीके, महिला विंग की भागीदारी बढ़ाने और डिजिटल/सोशल मीडिया प्रचार को और धार देने जैसे गंभीर विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।

राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज: विश्लेषकों की राय

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही गुजरता है, इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का सबसे पहला और बड़ा दौरा यूपी का होना बेहद स्वाभाविक और रणनीतिक है। इस दौरे के जरिए भाजपा न सिर्फ अपने कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकना चाहती है, बल्कि विपक्ष को भी यह कड़ा संदेश देना चाहती है कि भाजपा 24×7 चुनावी मोड में रहने वाली पार्टी है और वह 2027 के रण के लिए पूरी तरह तैयार है।

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