Friday, July 10, 2026

“तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश न किया जाए”: वायनाड भूस्खलन पर पिनराई विजयन का राज्य सरकार पर निशाना

Share

तिरुवनंतपुरम/वायनाड: केरल के वायनाड में हाल ही में हुए भूस्खलन को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने राज्य सरकार की आपदा प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस त्रासदी से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों के आधार पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

पिनराई विजयन ने कहा कि भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी लोगों की जान बचाना, राहत एवं बचाव कार्यों को तेज़ करना और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए वास्तविक तथ्यों को अलग तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं में पारदर्शिता और सच्चाई बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेने की बजाय सभी पक्षों को मिलकर पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। विजयन ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार की जा सके।

इस बीच, वायनाड भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल और अन्य एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। विपक्षी दलों ने भी घटना को लेकर सरकार की तैयारियों और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं तथा विस्तृत जांच की मांग की है।

भूस्खलन की इस घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन, समय पर चेतावनी प्रणाली और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है, जबकि राजनीतिक दल घटना को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

Read more

RNews