श्रीनगर / अनंतनाग:
जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अनंतनाग जिले में हुए आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी की शहादत के बाद भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। घाटी में आतंकवाद के इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर क्रैकडाउन अभियान चलाया है।
1,200 से अधिक ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) हिरासत में
आतंकवादियों, उनके मददगारों और पूर्व में देशविरोधी गतिविधियों में शामिल रहे तत्वों पर नकेल कसते हुए सुरक्षा बलों ने पूरी कश्मीर घाटी में छापेमारी तेज कर दी है। इस राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के तहत अब तक 1,200 से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हिरासत में लिया जा चुका है।
सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य ध्यान आतंकवादियों के उस नेटवर्क को खत्म करना है जो उन्हें लॉजिस्टिक्स, पनाह और गुप्त जानकारी मुहैया कराते हैं।
आतंकियों के ठिकानों पर कड़ा एक्शन: दो घरों पर चला बुलडोजर
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए प्रशासन और सुरक्षा बलों ने सख्त कदम उठाए हैं। हमले में शामिल और आतंकी गतिविधियों से जुड़े दो चिह्नित आतंकवादियों के अवैध निर्माणों और घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया है।
प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षा बल अलर्ट पर, सर्च ऑपरेशन जारी
- अनंतनाग हमला: हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
- घाटी में सघन तलाशी: अनंतनाग के अलावा कुलगाम, पुलवामा, शोपियां और श्रीनगर समेत घाटी के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान जारी है।
- संदिग्धों पर पैनी नजर: पुलिस और सेना द्वारा डिजिटल व जमीनी खुफिया तंत्र के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस हमले के जिम्मेदार आतंकियों और उनके पूरे तंत्र का सफाया नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
