Tuesday, July 14, 2026

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव: होर्मुज स्ट्रेट में UAE के तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला, 1 भारतीय नाविक की मौत; एक्शन में भारत सरकार

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नई दिल्ली / तेहरान:

पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी सैन्य टकराव के बीच एक बेहद गंभीर और परेशान करने वाली घटना सामने आई है। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों (Oil Tankers) पर किए गए भीषण मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद भारत सरकार बेहद सख्त एक्शन में आ गई है और ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।

भारत सरकार का सख्त एक्शन: ईरानी राजनयिक तलब

इस दर्दनाक घटना और अपने नागरिकों के हताहत होने से नाराज भारत ने कूटनीतिक स्तर पर ईरान को कड़ा संदेश दिया है:

  • विदेश मंत्रालय में तलब: भारत सरकार ने नई दिल्ली में स्थित ईरानी दूतावास के उप-प्रमुख (DCM) मोहम्मद जवाद हुसैनी को विदेश मंत्रालय (MEA) तलब किया।
  • कड़ा विरोध और जवाब तलब: भारतीय अधिकारियों ने इस हमले पर ईरान के सामने सख्त विरोध दर्ज कराया और घटना को लेकर जवाब मांगा है।
  • भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता: भारत ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में मर्चेंट जहाजों (व्यापारिक जहाजों) पर काम करने वाले उसके हजारों नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस तरह के अंधाधुंध हमले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में काम कर रहे निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डालते हैं, जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

यूएई की तीखी प्रतिक्रिया: ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन’

दूसरी ओर, इस हमले का शिकार हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है:

  • कड़ी निंदा: यूएई सरकार ने इस मिसाइल हमले को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया है।
  • जवाबी कार्रवाई की चेतावनी: यूएई ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि वह अपने हितों और समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

क्यों खतरनाक है यह हमला?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने से न केवल वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि भारत जैसे देशों के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है, जो इन अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर क्रू मेंबर्स (नाविक) के रूप में काम करते हैं।

एक भारतीय नाविक की मौत ने इस पूरे विवाद में भारत को भी सीधा स्टेकहोल्डर बना दिया है। विदेश मंत्रालय के कड़े रुख से साफ है कि भारत इस क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और ईरान को इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत का जवाब देना होगा।

मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

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