नई दिल्ली: प्रख्यात अर्थशास्त्री और पूर्व IMF कार्यकारी निदेशक सुरजीत भल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक स्थिति और आर्थिक सुधारों की क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजादी के बाद के किसी भी प्रधानमंत्री की तुलना में अधिक मजबूत राजनीतिक स्थिति में हैं और उनके पास देश में बड़े तथा साहसिक आर्थिक सुधार लागू करने की क्षमता है।
सुरजीत भल्ला ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए बड़े आर्थिक सुधार लागू करने के लिए मजबूत जनादेश और राजनीतिक इच्छाशक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के पास वह राजनीतिक ताकत मौजूद है, जिसके आधार पर श्रम सुधार, कृषि सुधार, निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां और व्यापार से जुड़े कई अहम फैसले प्रभावी ढंग से लागू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस अवसर का पूरा उपयोग करती है तो भारतीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
भल्ला ने कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की कमी नहीं, बल्कि निजी निवेश और आर्थिक सुधारों की रफ्तार बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि देश में सरकारी नौकरियों के प्रति आकर्षण का मुख्य कारण उनकी स्थायी सुरक्षा है, जबकि निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार मौजूद हैं। उनके अनुसार, आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार को ऐसे सुधारों पर ध्यान देना होगा, जो निजी निवेश बढ़ाने और उद्योगों के विस्तार में मदद करें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत करने का बड़ा अवसर है। यदि सरकार निवेश, व्यापार, विनिर्माण और रोजगार सृजन से जुड़े सुधारों को आगे बढ़ाती है तो देश आने वाले वर्षों में तेज आर्थिक विकास हासिल कर सकता है। भल्ला का मानना है कि राजनीतिक स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व आर्थिक बदलावों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुरजीत भल्ला के इस बयान ने आर्थिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत राजनीतिक स्थिति की सराहना की, वहीं दूसरी ओर यह भी संकेत दिया कि सरकार के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन व्यापक आर्थिक सुधारों को लागू करने की है, जो भारत की विकास दर, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति दे सकें।
