Tuesday, July 14, 2026

महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: परभणी में हनुमान मंदिर की छत गिरने से 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

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परभणी (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक हृदयविदारक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के यशवाड़ी गांव स्थित एक हनुमान मंदिर में अचानक छत का हिस्सा ढह जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक छह श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम और पूजा-अर्चना में शामिल थे। इसी दौरान मंदिर की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका तक नहीं मिला।

घटना के तुरंत बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले राहत कार्य में जुटे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान तेज कर दिया गया।

प्रशासन की निगरानी में जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। बचावकर्मी हर संभावित स्थान की जांच कर रहे हैं ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे परिसर की तलाशी पूरी नहीं हो जाती।

घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर मंदिर की इमारत की संरचनात्मक मजबूती और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि छत गिरने के पीछे निर्माण संबंधी खामी, जर्जर संरचना या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।

फिलहाल पूरे इलाके में राहत और बचाव कार्य पर प्रशासन का फोकस बना हुआ है, जबकि ग्रामीण और श्रद्धालु हादसे में मृत लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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