महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक बार फिर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने एक गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रणित मोरे और हिंमाशु जांगड़ा को समन जारी कर दिया है। दोनों को आगामी 22 जून को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही, महिला आयोग ने संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ महिलाओं के उत्पीड़न, अभद्र टिप्पणी या गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़ी गंभीर शिकायतें राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंची थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए NCW की अध्यक्ष ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया।
महिला आयोग ने अपने आधिकारिक आदेश में साफ कहा है:
DGP को निर्देश: “जल्द सौंपी जाए एक्शन टेकन रिपोर्ट
NCW ने केवल समन जारी नहीं किया है, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया है। राज्य के DGP को भेजे गए पत्र में आयोग ने कहा है कि:
- निष्पक्ष जांच हो: मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज कर तुरंत और गहराई से जांच की जाए।
- सुरक्षा सुनिश्चित हो: पीड़िता या शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
- समय सीमा: पुलिस इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट (Action Taken Report) जल्द से जल्द आयोग को सौंपे।
22 जून को होगी आमने-सामने की सुनवाई
आगामी 22 जून को होने वाली इस पेशी पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इस दिन प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को आयोग के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। यदि वे अपने बचाव में पुख्ता सबूत या संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं, तो महिला आयोग पुलिस को उनकी गिरफ्तारी या अन्य दंडात्मक कार्रवाई के लिए सीधे आदेश जारी कर सकता है।
इस कदम से राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बार फिर यह कड़ा संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह के अपराध या दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे आरोपी कोई भी हो।
