नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से नौकरियों की दुनिया को बदल रहा है, लेकिन भारत के फाइनेंस सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच AI को लेकर तैयारी की कमी सामने आई है। Finance Talent Pulse 2026 स्टडी के मुताबिक, भारत के केवल 9 प्रतिशत फाइनेंस सर्टिफिकेशन एस्पिरेंट्स का मानना है कि उनके मौजूदा स्किल्स AI आधारित जॉब मार्केट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पर्याप्त हैं।
ग्लोबल ग्रेजुएट्स से काफी पीछे भारतीय एस्पिरेंट्स
स्टडी में भारत के फाइनेंस एस्पिरेंट्स और वैश्विक ग्रेजुएट्स के बीच AI readiness में बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां भारत में सिर्फ 9 प्रतिशत प्रतिभागियों ने खुद को AI-driven job market के लिए तैयार माना, वहीं वैश्विक ग्रेजुएट्स में यह आंकड़ा 67 प्रतिशत रहा।
हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों समूहों की तुलना पूरी तरह समान आधार पर नहीं है। इसलिए इन आंकड़ों को एक व्यापक संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि सीधे सांख्यिकीय तुलना के रूप में।
56% युवाओं को AI बन रहा नौकरी पाने में बाधा
AI को लेकर चिंता भी भारतीय फाइनेंस एस्पिरेंट्स में काफी अधिक दिखाई दी। करीब 56 प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने कहा कि AI और ऑटोमेशन की वजह से उनकी पसंद की नौकरी हासिल करना कुछ हद तक या काफी ज्यादा मुश्किल हो रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी AI को लेकर चिंता कम नहीं है। करीब 59 प्रतिशत ग्लोबल ग्रेजुएट्स ने AI को नौकरी के रास्ते में किसी न किसी रूप में बाधा माना।
असली फाइनेंस वर्क में AI इस्तेमाल बेहद कम
रिपोर्ट का एक और अहम पहलू यह है कि फाइनेंस की पढ़ाई या तैयारी कर रहे युवाओं के बीच AI का प्रैक्टिकल इस्तेमाल अभी काफी सीमित है।
सिर्फ 7 प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने कहा कि वे वास्तविक फाइनेंशियल एनालिसिस या मॉडलिंग के काम में नियमित रूप से AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। वहीं 42 प्रतिशत ने बताया कि उन्होंने अभी तक वास्तविक फाइनेंस वर्क में AI का इस्तेमाल नहीं किया है।
इसके अलावा, 26 प्रतिशत प्रतिभागियों का कहना था कि उनकी मौजूदा परीक्षा की तैयारी या कोचिंग में उन्हें फाइनेंस में AI के इस्तेमाल के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।
Practical Experience सबसे बड़ी चिंता
स्टडी के मुताबिक, भारतीय फाइनेंस एस्पिरेंट्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ AI नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस की कमी है।
42% ने Practical, hands-on experience को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया।
35% ने Financial Modelling को प्रमुख चिंता माना।
18% प्रतिभागियों ने AI Tools को अपनी मुख्य चिंता बताया।
क्या है बड़ा संकेत?
स्टडी के आंकड़े बताते हैं कि फाइनेंस सेक्टर में केवल पारंपरिक डिग्री, सर्टिफिकेशन या परीक्षा की तैयारी अब पर्याप्त नहीं हो सकती। AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच युवाओं को Financial Modelling, Data Analysis और AI Tools के Practical Application जैसी स्किल्स पर भी ध्यान देना होगा।
