Saturday, July 25, 2026

छात्र प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा स्पष्टीकरण: ‘हमारे सामने नहीं थी कोई औपचारिक याचिका, मीडिया सही तथ्य करे पेश’

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नई दिल्ली:

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनों से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस विषय में उसके समक्ष कोई औपचारिक याचिका (Formal Petition) दाखिल ही नहीं की गई थी।

“बिना याचिका मामला उठाना न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ”

मामले की टिप्पणी करते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि बिना किसी विधिवत याचिका के अचानक अदालत में मामला उठाना न्यायिक प्रक्रिया और नियमों के अनुरूप नहीं है।

  • कोर्ट ने साफ किया कि:

अदालत ने मामले की सुनवाई से कभी इनकार नहीं किया था।

  • असल में यह मामला एक उचित और नियमानुसार याचिका के रूप में कोर्ट के समक्ष आया ही नहीं था।
  • ‘अदालत की टिप्पणियों को गलत तरीके से किया गया पेश’

मुख्य न्यायाधीश ने मीडिया कवरेज और रिपोर्टिंग पर भी अहम बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ खबरों और रिपोर्टों में अदालत की टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

“किसी भी मामले में तय कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना बेहद जरूरी है। मीडिया को भी पूरी जानकारी और सही तथ्यों के आधार पर ही खबरें प्रसारित करनी चाहिए, ताकि जनता तक सही जानकारी पहुंचे।”

  • — मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत

सही प्रक्रिया के पालन पर जोर

सुप्रीम कोर्ट के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि न्यायपालिका नियमों और उचित प्रक्रिया के तहत ही किसी मुद्दे पर सुनवाई करती है। कोर्ट ने संदेश दिया है कि संवेदनशील मुद्दों पर मीडिया को जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करनी चाहिए ताकि जनसामान्य में किसी प्रकार का भ्रामक संदेश न जाए।

मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

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