Saturday, July 25, 2026

लोकसभा में पेश हुआ सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या संशोधन विधेयक-2026, जजों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में यह विधेयक प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाकर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

प्रस्तावित विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) के अलावा न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 किए जाने का प्रावधान है।
इसके साथ ही शीर्ष अदालत की कुल स्वीकृत न्यायिक क्षमता 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने, मामलों के शीघ्र निस्तारण और न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसे संसद का सत्र नहीं होने के दौरान लागू किया गया था। सरकार के अनुसार, देश में लगातार बढ़ रहे लंबित मामलों और न्यायिक कार्यभार को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर न्यायिक क्षमता में विस्तार के लिए यह संशोधन विधेयक संसद के समक्ष लाया गया है। यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो देश की सर्वोच्च अदालत में मामलों के त्वरित निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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