रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मुद्दा सामने आया। राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि वर्ष 2025 से लेकर मई 2026 तक यानी पिछले 17 महीनों में विभिन्न औद्योगिक दुर्घटनाओं में 196 श्रमिकों की मौत हुई है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने विधानसभा में दी।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि वर्ष 2025 में फैक्ट्री दुर्घटनाओं में 122 श्रमिकों की जान गई, जबकि जनवरी से मई 2026 के बीच 74 श्रमिकों की मौत औद्योगिक हादसों में हुई। यह जानकारी भाजपा विधायकों अजय चंद्राकर, धर्मलाल कौशिक और धर्मजीत सिंह द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी गई।
सदन में विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि कई उद्योगों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं।
हालांकि मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रत्येक दुर्घटना की जांच कराई जाती है और दोषी पाए जाने पर संबंधित उद्योगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।
विधानसभा में सामने आए इन आंकड़ों ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय हो सकता है।
