सहारनपुर। बिहार के भोजपुर जिले में भारत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध की आवाजें तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय सवर्ण समाज संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि भारत भूषण तिवारी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत भूषण तिवारी सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्ति थे और उन्होंने समय-समय पर जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया था। उनका दावा है कि घटना से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं, जिनका जवाब केवल स्वतंत्र जांच से ही मिल सकता है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कानून के शासन में किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे।
संगठन की प्रमुख मांगें
- पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जाए।
- पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
- जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
फिलहाल भारत भूषण तिवारी मुठभेड़ प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
