रायपुर/नया रायपुर। नया रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब क्षत्रिय करणी सेना भी खुलकर सामने आ गई है। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की है।
- नकटी गांव में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत बुलडोजर चलाया।
- ग्रामीणों का दावा है कि कार्रवाई में करीब 85 मकान ध्वस्त किए गए।
- प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त पुनर्वास के बिना बेघर किया गया।
- करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए विरोध जताया।
- प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने क्या कहा?
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कई दिनों से प्रभावित परिवार उनसे मदद की गुहार लगा रहे थे। उनका कहना है कि यदि समाज के बड़ी संख्या में लोग किसी कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं, तो उनके समर्थन में आवाज उठाना सामाजिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना समुचित पुनर्वास के बेघर करना मानवीय संवेदनाओं के विपरीत है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों के लिए पहले पुनर्वास और उसके बाद ही किसी भी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
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ग्रामीणों ने लगाए ये आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से नकटी गांव में रह रहे थे और उन्हें बिजली, पानी, सड़क, स्कूल तथा अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध थीं। उनका सवाल है कि यदि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के तहत सुविधाएं दी गई थीं, तो अब उन्हें अतिक्रमणकारी मानकर घर क्यों तोड़े गए।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई से पहले पुनर्वास की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, जिससे दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।
कार्रवाई के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था
स्थानीय लोगों के अनुसार कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, राजस्व विभाग, नगर निगम, SDRF और अन्य प्रशासनिक विभागों के अधिकारी मौजूद थे। विरोध की आशंका को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और पूर्व निर्धारित नोटिस के आधार पर की गई है। प्रशासन का दावा है कि अभियान नियमानुसार चलाया गया। हालांकि प्रभावित परिवार पुनर्वास और मुआवजे को लेकर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की बढ़ी सक्रियता
नकटी गांव की कार्रवाई को लेकर अब विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। करणी सेना ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास, उचित मुआवजा और मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग करते हुए कहा है कि गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
