Tuesday, August 25, 2026

₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर लग सकता है MDR, सरकार कर रही है विचार

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नई दिल्ली:

डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को लेकर सरकार एक नए प्रस्ताव पर विचार कर रही है। वित्त मंत्रालय की ओर से पेश किए गए संशोधन विधेयक में इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत बड़े मूल्य के मर्चेंट UPI लेनदेन पर शुल्क लागू करने की तैयारी है।

क्या है नया प्रस्ताव?

प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई ग्राहक किसी मर्चेंट (व्यापारी) को ₹2,000 से अधिक का UPI भुगतान करता है, तो उस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से लेकर 0.40% तक का MDR शुल्क लगाया जा सकता है।

आम यूजर्स और व्यापारियों पर क्या पड़ेगा असर?

  • आम उपभोक्ता (P2P): आम नागरिकों के बीच होने वाले दैनिक पैसे के ट्रांसफर (P2P) पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दोस्त या रिश्तेदार को पैसे भेजना पहले की तरह ही बिल्कुल मुफ्त रहेगा।
  • छोटे डिजिटल भुगतान: रोजमर्रा की छोटी-मोटी खरीदारी (₹2,000 से कम) इस दायरे से बाहर रहेगी, जिससे आम जनता की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
  • बड़े व्यावसायिक भुगतान: इस बदलाव का मुख्य असर बड़े व्यावसायिक भुगतानों पर देखने को मिलेगा, जहाँ बड़ी राशि का लेन-देन डिजिटल माध्यम से होता है।

अभी अंतिम फैसला होना बाकी

फिलहाल इस व्यवस्था को लागू करने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यदि यह विधेयक मंजूर होकर लागू होता है, तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन के नियम बदल जाएंगे।

मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

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