नई दिल्ली:
केंद्र सरकार ने संसद को बताया है कि खरीफ 2026 सीजन के दौरान देश में किसानों के लिए उर्वरकों (Fertilizers) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकार ने कहा कि अग्रिम योजना, घरेलू उत्पादन में वृद्धि और रणनीतिक आयात (Strategic Imports) की बदौलत देशभर में खाद की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मांग के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही खाद
सरकार के अनुसार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राज्यों के साथ मिलकर हर फसल सीजन से पहले उर्वरकों की मांग का आकलन करता है। इसके आधार पर उर्वरक विभाग घरेलू उत्पादन, आयात और राज्यों तक वितरण की व्यवस्था करता है, ताकि समय पर किसानों को खाद उपलब्ध हो सके।
घरेलू उत्पादन और आयात पर जोर
केंद्र ने बताया कि उर्वरक आपूर्ति को मजबूत बनाए रखने के लिए भारत ने सऊदी अरब, जॉर्डन, मोरक्को और रूस जैसे देशों के साथ दीर्घकालिक आयात समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत डीएपी (DAP), एमओपी (MOP) और अन्य उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित की गई है, जिससे वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि वर्ष 2025-26 में उर्वरकों की मांग में 41% वृद्धि होने जैसी खबरें सही नहीं हैं। सरकार के अनुसार, वास्तविक मांग में लगभग 4% की वृद्धि हुई है और उपलब्ध स्टॉक किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
