नई दिल्ली
FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव के साथ मैदान में उतरेंगी। भारतीय हॉकी टीमें पहली बार अपनी पारंपरिक नीली (Blue) जर्सी की जगह ‘केसरिया’ (Saffron) रंग की नई किट पहनकर मैच खेलेंगी। हॉकी इंडिया ने इस नए बदलाव का ऐलान करते हुए कहा कि यह नया रूप भारतीय संस्कृति, साहस, त्याग और राष्ट्र के गौरव का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य वैश्विक मंच पर भारतीय टीम की एक नई पहचान प्रस्तुत करना है।
जर्सी के रंग बदलने पर शुरू हुई सियासी व खेल गलियारों में बहस
हॉकी इंडिया के इस फैसले के बाद खेल और राजनीति के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान विरेन रास्किन्हा ने टीम की पारंपरिक पहचान बदलने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि ‘मैन इन ब्लू’ की सालों पुरानी पहचान को इस तरह अचानक बदलना कितना सही है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
वहीं, विपक्षी राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने जर्सी का रंग बदले जाने पर तंज कसते हुए कहा कि “देश के युवा हर बदलाव को बहुत अच्छी तरह देख और समझ रहे हैं।”
हालांकि, हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल खेल और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन वर्ल्ड कप से ठीक पहले जर्सी के रंग पर उठा यह विवाद लगातार बढ़ता दिख रहा है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
