Sunday, July 12, 2026

संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प, लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित कर बोले धामी

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देहरादून में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक कठिन दौर बताते हुए कहा कि उस समय देश में नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने उन लोगों के साहस और समर्पण को याद किया जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और व्यक्तिगत कठिनाइयों का सामना किया।

कार्यक्रम में सम्मानित किए गए लोकतंत्र सेनानियों के योगदान की सराहना करते हुए धामी ने कहा कि उनका संघर्ष देश की लोकतांत्रिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों से सीख लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान की भावना, नागरिक अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती ही देश की प्रगति और स्थिरता की आधारशिला है।

इस अवसर पर वक्ताओं ने भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों को याद करते हुए कहा कि इतिहास की ऐसी घटनाएं समाज को सतर्क रहने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

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