Saturday, July 11, 2026

29 जून को न्याय आंदोलन का बिगुल: करणी सेना का कोरिया कूच, पीड़ित परिवार से मिलेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत

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रायपुर। कोरिया जिले के कटगोड़ी गांव में पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं कारोबारी भरत सिंह लल्ला, उनके चचेरे भाई नगेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की निर्मम हत्या के मामले में क्षत्रिय करणी सेना ने न्याय की लड़ाई को और तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने 29 जून को कोरिया जिले में न्याय आंदोलन की शुरुआत करते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।

करणी सेना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत के नेतृत्व में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों करणी सैनिक कोरिया जिले के कटगोड़ी गांव पहुंचेंगे। प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगा।

गौरतलब है कि सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नौगई के आश्रित ग्राम कटगोड़ी में हुई हिंसक घटना में भरत सिंह लल्ला की फॉर्च्यूनर वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। इस हमले में भरत सिंह, नगेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मयंक सिंह का उपचार जारी है।

करणी सेना ने इस घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताते हुए कहा कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए। संगठन का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा।

प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत 29 जून को रायपुर पहुंचेंगे, जहां विमानतल पर संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ करणी सेना का प्रतिनिधिमंडल कोरिया जिले के लिए रवाना होगा।

कटगोड़ी गांव पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा।

करणी सेना ने समाज के सभी वर्गों से इस न्याय आंदोलन में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि न्याय और कानून के सम्मान की लड़ाई है। संगठन ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस उद्देश्य की पूर्ति तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

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