नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर जारी विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। परीक्षा प्रक्रिया, पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर तेज होने से शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों के हितों से अधिक राजनीतिक कार्यक्रमों और जनसभाओं को प्राथमिकता देता है। उन्होंने दावा किया कि कई बार राजनीतिक गतिविधियों के कारण छात्रों और अभ्यर्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है, जबकि केंद्र सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के प्रयास कर रही है।
PM मोदी का उदाहरण देकर साधा विपक्ष पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार छात्रों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि एक अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने काफिले की वजह से परीक्षार्थियों को परेशानी न हो, इसके लिए स्वयं इंतजार किया था। भाजपा का कहना है कि यह छात्रों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
परीक्षा सुधार और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
भाजपा नेताओं का दावा है कि केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त कदम जारी रहेंगे।
कांग्रेस का पलटवार
वहीं कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा राजनीतिक बयानबाजी में लगी हुई है।
युवाओं में बढ़ रही चिंता
NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्र संगठनों ने भी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, तकनीकी सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले विवाद मेहनती छात्रों के मनोबल को प्रभावित करते हैं।
सियासत के बीच मुख्य मुद्दा बना शिक्षा तंत्र
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET विवाद अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था, सरकारी जवाबदेही और युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले समय में सरकार की नीतियों, जांच रिपोर्टों और न्यायिक प्रक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
