नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में ज़बरदस्त हंगामा और नारेबाजी देखने को मिली। विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध प्रदर्शन और शोर-शराबे के बीच उच्च सदन ने ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026’ (Micro, Small and Medium Enterprises Development Amendment Bill, 2026) को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा विचार और पारित कराने के लिए पेश किए गए इस बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया, जिसके तुरंत बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
- छात्रों पर कार्रवाई और नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर हंगामा: बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग और सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पर्याप्त अवसर न दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया। विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे।
- अजय माकन के वक्तव्य पर तीखी बहस: बहस के दौरान कांग्रेस सांसद अजय माकन द्वारा दिए गए बयानों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
- बिल का उद्देश्य: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना, विवादों का तेजी से निपटारा करना और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना है।
- ध्वनिमत से पारित: विरोध और हंगामे के बीच ही पीठ ने विधेयक को मत-विभाजन के लिए रखा और यह ध्वनिमत से पारित हो गया।
सदन का घटनाक्रम:
“सदन में एक तरफ विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए हंगामा कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने विधायी कामकाज पूरा करते हुए MSME बिल को पारित कराया। पारित होने के तुरंत बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।”
हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित
मानसून सत्र में विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के कड़े तेवरों के कारण बार-बार बाधा आ रही है। MSME बिल के पास होने के बाद हंगामे की स्थिति को देखते हुए सभापति ने सदन की बैठक अगले दिन के लिए स्थगित कर दी।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
