Saturday, July 11, 2026

राम मंदिर फंड जुटाने के बाद BJP विधायक प्रभु चव्हाण की संपत्ति बढ़ने का आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता ने UP SIT से जांच की मांग

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नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक के भाजपा विधायक प्रभु चव्हाण एक नए विवाद में घिर गए हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने उत्तर प्रदेश की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने के अभियान के बाद विधायक की संपत्ति में असामान्य वृद्धि हुई। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और आरोपों की सत्यता की पड़ताल करने की मांग की है।

शिकायत में दावा किया गया है कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर ठेकेदारों, व्यापारियों और अन्य लोगों से बड़ी मात्रा में चंदा एकत्र किया गया था। आरोप है कि इस दौरान जुटाई गई पूरी राशि संबंधित ट्रस्ट तक नहीं पहुंची और कथित तौर पर धन का एक हिस्सा अन्य उद्देश्यों, विशेष रूप से रियल एस्टेट निवेशों में लगाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पास इन आरोपों के समर्थन में कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री मौजूद है, जिसे वह जांच एजेंसी को उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने अपनी शिकायत में यह भी अनुरोध किया है कि विधायक की घोषित संपत्ति, आय के स्रोत और राम मंदिर निधि संग्रह अभियान के दौरान हुई वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, फिलहाल इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश SIT की ओर से भी शिकायत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि शिकायत पर औपचारिक जांच शुरू की गई है या नहीं।

वहीं, भाजपा विधायक प्रभु चव्हाण या उनके कार्यालय की ओर से भी इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक धन, धार्मिक ट्रस्टों से जुड़े चंदे और जनप्रतिनिधियों की संपत्ति को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही पर लगातार चर्चा हो रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उत्तर प्रदेश SIT शिकायत पर क्या कदम उठाती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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