नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर संसद के मानसून सत्र में सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष और सार्थक चर्चा तभी संभव है जब शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से हटें।
सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय जवाबदेही तय करनी चाहिए और छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए।
TMC सांसद ने यह भी कहा कि संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा से पहले सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए जिम्मेदारी तय करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
इस बीच विपक्ष के कई दल भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि वह NEET मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष पहले जवाबदेही तय करने और मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर संसद में लगातार गतिरोध बना हुआ है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
