मुंबई:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर अपनी सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय बैंक ने अलग-अलग नियामकीय कमियों और नियमों के उल्लंघन के चलते मुथूट फाइनेंस समेत छह बड़ी NBFC कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। आरबीआई ने इन सभी कंपनियों पर कुल मिलाकर लाखों रुपये का जुर्माना (पेनल्टी) ठोंका है।
मुथूट फाइनेंस पर लगा ₹5.80 लाख का जुर्माना
केंद्रीय बैंक की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) में जोखिम प्रबंधन और संदिग्ध लेनदेन की निगरानी से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं। इसके बाद आरबीआई ने कंपनी पर 5.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अवेल फाइनेंशियल पर लगी सबसे बड़ी पेनल्टी
इस कार्रवाई की जद में आई कंपनियों में सबसे भारी जुर्माना अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज (Avail Financial Services) पर लगा है। नियामकीय कमियों के चलते इस कंपनी पर 6.20 लाख रुपये की सबसे बड़ी पेनल्टी लगाई गई है।
इन कंपनियों पर भी गिरी गाज
मुथूट और अवेल के अलावा, आरबीआई ने चार अन्य प्रमुख वित्तीय संस्थानों को भी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है और उन पर जुर्माना लगाया है:
- सत्या माइक्रोकैपिटल
- पैन इमामी कॉस्मेड
- धनी लोन्स एंड सर्विसेज
- मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
इस बड़ी कार्रवाई के बीच आरबीआई ने आम जनता और खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि इस कार्रवाई का इन कंपनियों के ग्राहकों की जमा राशि या उनके सामान्य लेनदेन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह पेनल्टी सिर्फ और सिर्फ कंपनियों के आंतरिक नियामकीय अनुपालन में पाई गई कमियों के कारण लगाई गई है, न कि ग्राहकों के किसी व्यावसायिक लेनदेन के विवाद के चलते।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
