Saturday, July 11, 2026

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में लगेगा कूटनीतिक ‘बूस्टर डोज़’: तीन दिवसीय दौरे पर आज मेलबर्न पहुंचेंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली / मेलबर्न:

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से ऑस्ट्रेलिया के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मेलबर्न पहुंच रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के विशेष निमंत्रण पर हो रहा यह दौरा दोनों देशों के बीच होने वाली ‘वार्षिक लीडर्स समिट’ का हिस्सा है। इस यात्रा को हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र की भू-राजनीति और द्विपक्षीय व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

द्विपक्षीय वार्ता के एजेंडे में होंगे ये बड़े मुद्दे

मेलबर्न में प्रधानमंत्री मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस महामंथन में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनेगी:

  • रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल के बीच समुद्री सुरक्षा और सैन्य सहयोग को बढ़ाना।
  • व्यापार और निवेश: भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) को अगले स्तर पर ले जाना।
  • क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा): ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर और क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम) की सप्लाई चेन को मजबूत करना।

‘सीईओ फोरम’ में जुटेंगे दिग्गज कारोबारी

आर्थिक सहयोग को जमीन पर उतारने के लिए पीएम मोदी दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ ‘सीईओ फोरम’ में हिस्सा लेंगे। इस मंच पर दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के नए निवेश और व्यापारिक अवसरों की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिससे भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई बाजारों को सीधा फायदा होगा।

मेलबर्न में गूंजेगा ‘मोदी-मोदी’: भारतीय प्रवासियों का भव्य कार्यक्रम

हमेशा की तरह इस बार भी पीएम मोदी का यह विदेशी दौरा भारतीय समुदाय के बड़े समागम का गवाह बनेगा। प्रधानमंत्री मेलबर्न में रह रहे भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) के एक विशाल कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर वहां के भारतीयों में भारी उत्साह है और माना जा रहा है कि यह दोनों देशों के ‘पीपल-टू-पीपल’ (जनसंपर्क) और सांस्कृतिक संबंधों को एक नया आयाम देगा।

वैश्विक मंच पर क्यों टिकी हैं इस दौरे पर नजरें?

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस तीन दिवसीय दौरे से न सिर्फ दिल्ली और कैनबरा के बीच दूरियां और कम होंगी, बल्कि व्यापार, तकनीक और सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों देश मिलकर एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे।

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