रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में इवनिंग वॉक पर निकले एक कॉलेज प्रोफेसर के अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, चार आरोपियों ने प्रोफेसर को चाकू दिखाकर अगवा किया और आंखों पर पट्टी बांधकर बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने उनसे मोबाइल, पासवर्ड और UPI से जुड़ी जानकारी हासिल कर करीब 1 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने मामले में एक आरोपी सुनील सारथी को हिरासत में लिया है।
इवनिंग वॉक के दौरान किया अपहरण
पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर रोज की तरह शाम के समय इवनिंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान चार लोगों ने उन्हें घेर लिया और चाकू दिखाकर अपने कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने प्रोफेसर की आंखों पर पट्टी बांध दी और उन्हें बंधक बनाकर रखा।
इसके बाद आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन और UPI से जुड़ी जानकारी हासिल की। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दबाव बनाकर प्रोफेसर के खाते से करीब 1 लाख रुपये एक अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए।
पंडरीपानी से सकुशल रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुसौर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को भूपदेवपुर क्षेत्र के पंडरीपानी में प्रोफेसर के होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर को सकुशल बरामद कर लिया। रेस्क्यू के बाद उन्हें सुरक्षित पुलिस के कब्जे में लाया गया।
चार आरोपियों ने मिलकर बनाई थी योजना
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में चार आरोपी शामिल थे। आरोपियों ने कथित तौर पर प्रोफेसर का अपहरण करने और उनसे UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराने की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक, चाकू की नोक पर प्रोफेसर से मोबाइल, पासवर्ड और UPI संबंधी जानकारी ली गई। इसके बाद करीब एक लाख रुपये एक महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए।
ट्रांसफर की गई रकम सुरक्षित
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खाते में ट्रांसफर की गई पूरी रकम को सुरक्षित करा लिया है। मामले में सुनील सारथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वहीं, वारदात में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अपहरण के पीछे की वजह, आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
24 घंटे के भीतर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, घटना के सामने आने के बाद तेजी से जांच करते हुए करीब 24 घंटे के भीतर प्रोफेसर को सकुशल रेस्क्यू किया गया और एक आरोपी को हिरासत में लिया गया। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
