रायपुर। रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत में भाजपा के आठ पार्षदों के सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की खबर के बाद स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा में है। पार्षदों ने नगर पंचायत के कामकाज, अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताते हुए त्यागपत्र देने की बात कही है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीति में होने वाली सामान्य प्रक्रिया बताया है।
मंत्री जायसवाल ने कहा कि राजनीति में अलग-अलग परिस्थितियों में लोग इस्तीफा देते रहते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पुसौर नगर पंचायत के आठ भाजपा पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की जानकारी सामने आई है। पार्षदों की ओर से दिए गए आवेदन में नगर पंचायत के प्रशासनिक कामकाज और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर असंतोष जाहिर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सामूहिक त्यागपत्र में वार्ड क्रमांक 6 के बलराम संवरा, वार्ड क्रमांक 14 के शौकीराम चौहान, वार्ड क्रमांक 11 के रूपेश कुमार साव, वार्ड क्रमांक 1 के प्रदीप यादव, वार्ड क्रमांक 2 के फागूलाल प्रधान, वार्ड क्रमांक 3 की मंजू पटेल, वार्ड क्रमांक 7 के वरुण महाणा और नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश साव के नाम शामिल हैं। पार्षदों ने भाजपा जिला अध्यक्ष अरुणधर दीवान को आवेदन देने की बात कही है।
पार्षदों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक उनके वार्डों में पानी, बिजली, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा पार्षद निधि से संबंधित कार्यों की प्रगति को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई है। आवेदन में नगर पंचायत अध्यक्ष और शासकीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी आपत्ति दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
हालांकि, इस पूरे मामले में इस्तीफे की औपचारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। भाजपा रायगढ़ जिला अध्यक्ष अरुणधर दीवान ने कहा है कि उन्हें पार्षदों की ओर से कोई इस्तीफा आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी सामने आने के बाद संबंधित पार्षदों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन के साथ चर्चा के बाद पार्षद अपने फैसले पर कायम रहते हैं या कोई समाधान निकलता है।
इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के खर्च को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। जायसवाल ने कहा कि एक-एक दीए का जवाब दिया जाएगा और जनता इन सवालों का जवाब देगी। उन्होंने 2028 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जनता इसका जवाब देगी। यह मंत्री का राजनीतिक बयान है।
सरगुजा की 14 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की वापसी के दावे को लेकर भी जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के दावे पर कहा कि सपने देखने में कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस के पास सरगुजा की सीटें थीं, तब वह उन्हें संभाल नहीं पाई और अब उसके पास एक भी सीट नहीं है। जायसवाल ने आगे सरगुजा में कांग्रेस के लगातार तीसरी बार शून्य पर रहने का दावा किया। यह उनका राजनीतिक दावा है, जिसकी पुष्टि भविष्य के चुनाव परिणामों से ही होगी।
फिलहाल पुसौर में आठ भाजपा पार्षदों की नाराजगी के बाद संगठन स्तर पर होने वाली बातचीत पर नजर बनी हुई है। एक तरफ पार्षद नगर पंचायत के कामकाज और विकास कार्यों को लेकर अपनी आपत्ति जता रहे हैं, वहीं भाजपा संगठन की ओर से बातचीत के जरिए स्थिति को समझने की बात सामने आई है। इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं या नहीं, इस पर स्थिति संगठन की आगामी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
