Tuesday, October 13, 2026

दिशा सालियान केस पर आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मेरा नाम जोड़ना छवि खराब करने की कोशिश

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मुंबई। दिशा सालियान मौत मामले में CBI की जांच शुरू होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वह दिशा सालियान को न तो जानते थे और न ही कभी उनसे मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और निजी वजहों से उनका नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

आदित्य ठाकरे ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह एक बार फिर तथ्यों को सामने रखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, दिशा सालियान से उनका कोई परिचय या संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के लगातार उनका नाम इस मामले से जोड़ा जाना उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने टीवी बहस और मीडिया ट्रायल को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे तथ्यों में बदलाव नहीं आता।

CBI जांच को लेकर आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकारी एजेंसियों को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के मामले की नए सिरे से जांच करने दी जानी चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसी से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि झूठे प्रचार या उनकी छवि खराब करने की कोशिशों से उन्हें चुप नहीं कराया जा सकता।

दिशा सालियान की मौत का मामला जून 2020 से ही चर्चा में रहा है। उनकी मौत के कुछ दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी। दोनों घटनाओं को लेकर समय-समय पर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं। हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी आपराधिक संबंध को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही सामने आ सकता है।

CBI ने दर्ज की FIR

बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने सितंबर 2026 में दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक, FIR में कई लोगों की भूमिका को जांच के दायरे में रखा गया है, जिनमें आदित्य ठाकरे के अलावा रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रोहन रॉय और कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल बताए गए हैं।

FIR में किसी व्यक्ति का नाम या उसकी भूमिका का जांच के लिए उल्लेख होना अपने आप में उस व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित नहीं करता। CBI को अब मामले से जुड़े पुराने पुलिस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी है। एजेंसी यह भी देखेगी कि 8 जून 2020 की रात दिशा सालियान के साथ क्या घटनाक्रम हुआ था।

जांच के बीच सामने आ रहा राजनीतिक विवाद

CBI की जांच शुरू होने के साथ ही इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने CBI की कार्रवाई और FIR को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि दूसरी ओर मामले में पहले से लगाए जाते रहे आरोपों की जांच की मांग होती रही है। इन राजनीतिक दावों और आरोप-प्रत्यारोप से अलग अब जांच एजेंसी के सामने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल करने की जिम्मेदारी है।

फिलहाल CBI की जांच शुरुआती चरण में है। ऐसे में दिशा सालियान की मौत से जुड़े पुराने बयानों, रिकॉर्ड और नए साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और जांच में सामने आए लोगों की भूमिका क्या रही।

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