रायपुर। छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय करणी सेना के संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने को लेकर लगातार रणनीति तैयार की जा रही है। इसी सिलसिले में सरगुजा से क्षत्रिय करणी सेना के युवा सैनिक रायपुर पहुंचे, जहां संगठन के विस्तार, सामाजिक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
रायपुर पहुंचने वाले सरगुजा के युवा पदाधिकारियों में हिमांशु सिंह सोलंकी, तरुण सिंह, अमन सिंह, सत्यम सिंह और मंजीत चौधरी शामिल रहे। इस दौरान उनका मार्गदर्शन क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ अध्यक्ष और किसान नेता वीरेंद्र सिंह तोमर ने किया। उन्होंने सरगुजा से आए युवाओं के रायपुर आगमन पर प्रसन्नता जताते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया।
संगठन विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा
बैठक के दौरान संगठन के विस्तार को लेकर नई रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सरगुजा के पदाधिकारियों ने किसान नेता वीरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष अपनी आगामी कार्ययोजना भी प्रस्तुत की।
चर्चा में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार किया गया। इसके साथ ही सरगुजा इकाई की ओर से किए जा रहे सामाजिक एवं सेवा कार्यों की भी जानकारी साझा की गई।
सामाजिक और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। सरगुजा में क्षत्रिय करणी सेना की ओर से किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने तथा संगठन के माध्यम से समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर भी विचार साझा किए गए।
20 सितंबर के आंदोलन को लेकर बनी रणनीति
बैठक में 20 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई। क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज सिंह शेखावत के नेतृत्व में यूजीसी रोलबैक आंदोलन के तहत आयोजित होने वाली सवर्ण महापंचायत में छत्तीसगढ़ की सहभागिता को लेकर रणनीति पर मंथन किया गया।
सरगुजा से आए पदाधिकारियों और छत्तीसगढ़ नेतृत्व के बीच संगठन की भागीदारी तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर आवश्यक तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक के माध्यम से संगठन को प्रदेशभर में और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने की दिशा में आगे की रणनीति तय करने पर जोर दिया गया।
