अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलने की संभावना है। ट्रस्ट के पहले CEO के नाम पर बुधवार, 2 सितंबर को फैसला होने की उम्मीद है। इसके लिए चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयन समिति ने ट्रस्ट के सामने तीन अंतिम नामों की सिफारिश की है।
जानकारी के मुताबिक, CEO पद के लिए ट्रस्ट को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया, जिसके बाद चयन समिति ने तीन नामों को अंतिम सूची में शामिल कर ट्रस्ट को अपनी सिफारिश भेजी है।
तीन नामों पर टिकी निगाहें
पहले CEO की दौड़ में जिन नामों की चर्चा है, उनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडेय, पूर्व आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र और पूर्व आईएएस अधिकारी योगेश्वर मिश्रा शामिल हैं।
हालांकि, अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन तीनों में से किसे CEO की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में अहम बैठक
CEO के चयन को लेकर अयोध्या के मणिराम दास छावनी में एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक की अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास करेंगे। बैठक में चयन समिति द्वारा सुझाए गए तीन नामों पर विचार किया जाएगा और अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
क्यों अहम है CEO का पद?
राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, मंदिर परिसर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए CEO का पद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
