दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। दुर्ग जिले के पेंड्रावन और सेलूद में छात्रों के सड़क पर उतरने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए CJP की ओर से राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम पत्र सौंपा गया है। पत्र में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
पेंड्रावन और सेलूद में छात्रों ने किया प्रदर्शन
दरअसल, पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 से 500 छात्रों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन किया था। छात्रों ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम भी किया। प्रदर्शन लंबे समय तक जारी रहा। शिक्षा मंत्री से बातचीत और आश्वासन के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया। इसके बाद स्कूल में चार शिक्षकों और नए प्राचार्य की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई।
वहीं, सेलूद के स्वामी आत्मानंद विद्यालय में करीब 200 छात्र-छात्राओं ने पर्याप्त और उपयोग योग्य शौचालय समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने पहले स्कूल का गेट बंद किया और बाद में मुख्य सड़क पर चक्काजाम किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
CJP ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
इन घटनाओं के बाद CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र सौंपा। संगठन ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
- पहली मांग: CJP ने बरसात और स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए 10 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों का सर्वे कराने की मांग की है। साथ ही ऐसे स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने को कहा गया है, जहां उपयोग योग्य शौचालय और स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
- दूसरी मांग: संगठन ने प्रत्येक स्कूल में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाने की मांग की है। शौचालयों में पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था के साथ नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसके अलावा बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी साफ करने वाली मशीनें लगाने और इसके लिए तत्काल बजट जारी करने की मांग की गई है।
- तीसरी मांग: CJP ने सरकार से एक साल के भीतर प्रदेश के प्रत्येक सरकारी स्कूल में साफ शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसी भी स्कूल में बच्चों को इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
CJP बोली- बच्चों को सुविधाओं के लिए सड़क पर न उतरना पड़े
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि पेंड्रावन और सेलूद की घटनाएं केवल दो स्कूलों तक सीमित नहीं हैं। संगठन के मुताबिक प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जमीनी जांच की जरूरत है।
CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि बच्चों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने सरकार से शिकायत सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रदेशभर के स्कूलों का व्यापक सर्वे कराने की मांग की है।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
CJP ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को स्वच्छ पानी, उपयोग योग्य शौचालय और सुरक्षित वातावरण मिलना भी जरूरी है। संगठन का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य, पढ़ाई और सम्मान पर पड़ता है।
अब देखना होगा कि सरकार की ओर से इन तीन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर व्यापक स्तर पर कोई अभियान शुरू किया जाता है या नहीं।
