Wednesday, August 26, 2026

नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़, 16 लोगों की मौत; सैकड़ों लापता

Share

काठमांडू, 26 अगस्त: नेपाल-चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। रासुवा जिले में आई इस फ्लैश फ्लड ने कई बस्तियों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और नवीनतम रिपोर्टों में कम से कम 16 लोगों की मौत की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं।

बताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से अचानक भोटेकोशी नदी में आया। प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, बर्फीले भूस्खलन या हिमस्खलन के कारण नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से बाधित हुआ और उसके बाद जमा पानी के अचानक टूटने से तेज बहाव पैदा हुआ। हालांकि, बाढ़ की सटीक वजह की आधिकारिक जांच अभी जारी है।

25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। नेपाली सेना के मुताबिक अब तक 25 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। राहत और रेस्क्यू के लिए कुल 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जिनमें सेना के छह और निजी क्षेत्र के आठ हेलीकॉप्टर शामिल हैं। घायलों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी प्रभावित क्षेत्र में भेजी गई है।

रासुवा के तिमुरे इलाके में तैनात आर्म्ड पुलिस फोर्स के 9 जवानों के लापता होने की भी खबर है। सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ ने सुरक्षा चौकियों और बाजार क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचाया है।

सैकड़ों लोग लापता, 100 से ज्यादा भारतीय भी शामिल

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ के बाद 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी बताए गए हैं। प्रभावित इलाकों में कई पर्यटक और स्थानीय लोग अचानक आई बाढ़ के कारण फंस गए।

निचले इलाकों में हाई अलर्ट

बाढ़ का असर रासुवा से आगे नुवाकोट, धादिंग और अन्य निचले इलाकों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

बाढ़ से कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है और बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है। सीमा क्षेत्र में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत एवं बचाव दलों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

भारत और चीन से मांगी गई मदद

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल ने राहत एवं बचाव प्रयासों में भारत और चीन से सहयोग मांगा है। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भूस्खलन और बाढ़ से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। दोनों देशों की सीमा से लगे इस पहाड़ी क्षेत्र में संपर्क और परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

Read more

RNews