मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी से 6,000 से अधिक वोटों से हार के बाद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने जनता के फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए कहा कि वे जनादेश के सामने सिर झुकाते हैं और लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है।
हार के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी के भीतर संभावित भीतरघात के संकेत भी दिए। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि वे पूरी स्थिति से अनजान नहीं थे और जिन्होंने भी यह “पाप” किया है, उनका सच जल्द ही सबके सामने आएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए विधायक या सांसद बनना कभी प्राथमिकता नहीं रही। उनका उद्देश्य हमेशा दतिया की जनता की सेवा करना रहा है और वे जीवन की अंतिम सांस तक जनता के बीच रहकर सेवा करते रहेंगे।
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने 6,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। अब आशुतोष तिवारी के बयान ने भाजपा के भीतर गुटबाजी और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
