Wednesday, August 26, 2026

21.IAF Chief ने आत्मनिर्भर ड्रोन इकोसिस्टम पर दिया जोर, बोले- भारत में बने हर पुर्जे से मजबूत होगी रक्षा क्षमता

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नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख ने देश में एक मजबूत और पूरी तरह आत्मनिर्भर ड्रोन इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को केवल ड्रोन असेंबल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके हर छोटे-बड़े हिस्से और तकनीक का विकास देश में ही होना चाहिए।

IAF प्रमुख ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक आधुनिक युद्ध और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में भारत को डिजाइन, निर्माण, सॉफ्टवेयर, सेंसर और अन्य तकनीकी क्षमताओं में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है।

सिर्फ निर्माण नहीं, पूरी तकनीक पर नियंत्रण जरूरी

उन्होंने कहा कि वास्तविक आत्मनिर्भरता तभी हासिल होगी, जब ड्रोन के हर महत्वपूर्ण घटक का विकास भारत में किया जाए। इसमें उड़ान नियंत्रण प्रणाली, संचार तकनीक, नेविगेशन, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी क्षमताएं शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी देश की रक्षा क्षमता केवल प्लेटफॉर्म बनाने से नहीं बल्कि पूरी तकनीकी श्रृंखला पर नियंत्रण से मजबूत होती है।

रक्षा क्षेत्र में ड्रोन की बढ़ती भूमिका

आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए ड्रोन निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत भी स्वदेशी ड्रोन तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम विकसित करने पर तेजी से काम कर रहा है।

IAF प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत रक्षा क्षेत्र में आयात निर्भरता कम करने और घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। आत्मनिर्भर ड्रोन इकोसिस्टम से न केवल सुरक्षा क्षमता बढ़ेगी बल्कि देश के रक्षा उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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