गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 7 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस वर्ष राज्य में बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 75 हो गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटा हुआ है, लेकिन कई इलाकों में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।
7 जिले अब भी प्रभावित
राज्य के 7 जिले फिलहाल बाढ़ की चपेट में हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं, जबकि लाखों लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। सबसे अधिक असर चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में देखा जा रहा है, जहां लगातार जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर
गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। नदी का बढ़ता जलस्तर आसपास के रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में लगातार पानी भर रहा है। इसके अलावा हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर और सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, मौसम और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात किए जाएंगे।
