नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी संकट अब संसद तक पहुंच गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सांसद पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं और दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर के समक्ष एक औपचारिक याचिका भी प्रस्तुत की, जिसमें बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। TMC का कहना है कि चुनाव के बाद पार्टी अनुशासन का खुला उल्लंघन हुआ है और कई सांसदों ने अलग गुट का समर्थन किया है।
दूसरी ओर, बागी सांसदों का दावा है कि वे पार्टी के भविष्य और नेतृत्व को लेकर अलग राय रखते हैं। इस घटनाक्रम ने TMC के भीतर बढ़ते मतभेदों को राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना दिया है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मामले में दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होती है, तो इसका असर न केवल लोकसभा की संख्या पर बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, स्पीकर कार्यालय की ओर से इस मामले पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
