Tuesday, October 13, 2026

मेडिकल कॉलेज में 8 माह की गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

Share

कोरबा, 1 अक्टूबर 2026। कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आठ माह की गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला सामने आया है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि समय रहते महिला की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक उपचार किया जाता तो मां और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

जानकारी के मुताबिक, दीपका बस्ती निवासी ओंकारेश्वर रजक की पत्नी कविता आठ माह की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें मिनीमाता शांतिनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

तीन दिनों तक सामान्य प्रसव का इंतजार कराने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होने के बाद कविता का करीब तीन दिनों तक सामान्य प्रसव कराने का इंतजार किया जाता रहा। इस दौरान परिजनों ने कई बार सोनोग्राफी कराने की मांग की। उनका आरोप है कि महिला की स्थिति को देखते हुए सिजेरियन डिलीवरी कराने या किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की भी गुहार लगाई गई, लेकिन समय रहते उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।

परिजनों का कहना है कि महिला की हालत लगातार चिंता का विषय बनी हुई थी। इसके बावजूद उपचार को लेकर समय पर उचित निर्णय नहीं लिया गया। आखिरकार अस्पताल में ही कविता की मौत हो गई। उनके गर्भस्थ शिशु की भी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

पति ने कहा- समय पर ऑपरेशन होता तो बच सकती थी जान

मृतका के पति ओंकारेश्वर रजक और अन्य परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सिजेरियन डिलीवरी का निर्णय लिया जाता या महिला को किसी हायर सेंटर रेफर किया जाता, तो मां और बच्चे दोनों को बचाया जा सकता था।

परिजनों ने अस्पताल की रात की चिकित्सकीय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच वार्ड और लेबर रूम में जिम्मेदार चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अस्पताल प्रबंधन से जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग

घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि महिला की हालत के अनुसार इलाज का निर्णय समय पर लिया गया था या नहीं और यदि उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है।

फिलहाल महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण तथा इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

Read more

RNews