Monday, October 12, 2026

कांजी हाउस में दो दिन में 11 मवेशियों की मौत, भूख-प्यास से तड़पने का आरोप; ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

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राजनांदगांव। जिले के राजनांदगांव ब्लॉक के बघेरा गांव के कांजी हाउस में दो दिनों के भीतर 11 मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मवेशियों को पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ी और उन्होंने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। कांजी हाउस के अंदर मृत मवेशियों के शव पड़े होने और बदबू फैलने के बाद ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई।

घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। पूर्व सरपंच राजेंद्र यदु समेत ग्रामीणों ने मामले की शिकायत सोमनी थाने में की है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार को करीब पांच और रविवार को छह मवेशियों की मौत हुई है।

चारे के लिए हर घर से लिया जा रहा था 200 रुपये

ग्रामीणों के मुताबिक, बघेरा गांव में फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए उन्हें कांजी हाउस में रखा जाता था। इसके संचालन और मवेशियों के चारे-पानी की व्यवस्था के लिए कथित तौर पर गांव के प्रत्येक घर से 200 रुपये प्रतिमाह लिए जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद मवेशियों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं की गई।

ग्रामीणों ने कांजी हाउस की व्यवस्था और वहां रखे मवेशियों की देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे पहले भी कुछ मवेशियों की मौत हुई थी और उनके शवों को गांव के सुनसान स्थानों पर ठिकाने लगाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग

पूर्व सरपंच राजेंद्र यदु, गोपाल देवांगन, त्रिलोक साहू, चुम्मन साहू और राजेंद्र देवांगन समेत अन्य ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है। शिकायत में ग्राम पटेल दुर्जन लाल देवांगन, सचिव राजकुमार देवांगन और सरपंच पति हरिश देशमुख की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए मॉडल गौठान का भी पर्याप्त उपयोग नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि गौठान में ताला लगा हुआ है और मवेशियों को उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है।

पशु विभाग ने कराया पोस्टमार्टम

सरपंच पति हरिश देशमुख ने बताया कि गांव में दो दिनों के भीतर 11 मवेशियों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी पशु विभाग को दी गई थी, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया गया। उनके मुताबिक, मवेशियों की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम विकास समिति की थी।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सोमनी थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया कि बघेरा गांव के ग्रामीणों की ओर से शिकायत मिली है। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी को जांच के लिए भेजा गया था। फिलहाल मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल 11 मवेशियों की मौत के कारणों को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें किन परिस्थितियों में हुईं और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

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